देहरादून-राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरणः आयुष्मान योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध अस्पतालों के लंबित दावों का निस्तारण 31 मार्च तक हर हाल में हो जाएगा। प्राधिकरण द्वारा इसके लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। कार्मिकों को भी खास तौर पर तत्परता से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के अध्यक्ष अरविंद सिंह ह्यांकी ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) से संचालित ट्रांजिक्शन मैनेजमेंट सिस्टम (टीएमएस) पोर्टल में तकनीकी दिक्कतों, दावों के त्रुटिपूर्ण प्रस्तुतीकरण व अन्य कारणों से वर्ष 2024-25 से आयुष्मान सूचीबद्ध अस्पतालों के हजारों मामले लंबित थे। उनके निस्तारण के लिए अब मिशन मोड पर कार्य किया जा रहा है। आगामी 31 मार्च तक शत-प्रतिशत दावों के निस्तारण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
अध्यक्ष ने बताया कि आयुष्मान योजना की गतिविधियां संचालित करने हेतु पूर्व में एनएचए द्वारा संचालित टीएमएस 1 पोर्टल पर काम किया जाता था। बाद में इसे टीएमएस 2.0 में अपग्रेड किया गया। पहले पोर्टल का सारा डाटा नए पोर्टल पर शिफ्ट हुआ तो इस प्रक्रिया के शुरूआती दौर में तमाम तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। तकनीकी व अन्य बाधाओं के कारण अस्पतालों का भुगतान नहीं हो पाया। और अस्पतालों के दावे बड़ी तादाद में लंबित हो गए।
नई व्यवस्थाओं में लंबित दावों के निस्तारण हेतु क्लेम रिब्यू कमेटी (सीआरसी) व मेडिकल ऑडिट कमेटी (एमएसी) की व्यवस्था एनएचए द्वारा दी गई है। अब पोर्टल पर योजना की सारी प्रक्रिया नियमित व सुचारू हो गई है। यह कमेटी लंबित दावों की समीक्षा करेंगी और जो दावे सही पाए जाएंगे उनका तत्काल भुगतान हो जाएगा। सीआरसी व एमएसी को अभियान मोड में कार्य कर लंबित मामलों का 31 मार्च तक निस्तारित करने का लक्ष्य दिया गया है।
प्राधिकरण की क्लेम निदेशक डा सरोज नैथानी ने बताया कि सीआरसी में 65 हजार व एमएसी में 55 हजार से अधिक मामले लंबित थे। इनके निस्तारण के लिए अभियान चलाया जा रहा है। आठ हजार से अधिक मामलों का निस्तारण कर भुगतान की प्रक्रिया कर दी गई है। निर्धारित समय पर लक्ष्य हासिल कर दिया जाएगा।
