परिचय
मोरिंगा, जिसे हिंदी में सहजन या सहजन की फली कहा जाता है, एक बहुमूल्य औषधीय और पोषक तत्वों से भरपूर पौधा है। इसका वैज्ञानिक नाम Moringa oleifera है। सहजन का पेड़ भारत, अफ्रीका और एशिया के कई हिस्सों में पाया जाता है और इसे “सुपरफूड” के रूप में दुनिया भर में लोकप्रियता मिल रही है।
पोषण मूल्य
मोरिंगा के पत्ते, फूल, फलियाँ और बीज सभी उपयोगी होते हैं। इसमें पाया जाता है:
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विटामिन A, C, E और K
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कैल्शियम, पोटैशियम, आयरन, मैग्नीशियम
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प्रोटीन और आवश्यक अमीनो एसिड
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एंटीऑक्सीडेंट्स और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण
स्वास्थ्य लाभ
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प्रतिरक्षा शक्ति बढ़ाना
मोरिंगा में मौजूद विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स रोग-प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करते हैं। -
हड्डियों को मजबूत बनाना
कैल्शियम और फॉस्फोरस की प्रचुर मात्रा हड्डियों और दाँतों के लिए लाभकारी है। -
ब्लड शुगर कंट्रोल
इसके पत्तों में मौजूद यौगिक रक्त शर्करा के स्तर को संतुलित रखने में मदद करते हैं। -
दिल की सेहत
इसमें पाए जाने वाले अच्छे फैटी एसिड और एंटीऑक्सीडेंट्स हृदय रोग के खतरे को कम करते हैं। -
पाचन में सुधार
मोरिंगा पत्ते और फलियाँ फाइबर से भरपूर होती हैं, जो पाचन तंत्र को स्वस्थ रखते हैं।
उपयोग के तरीके
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पत्तियाँ: सब्जी, सूप, या चाय में
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फलियाँ: दाल या करी में
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पाउडर: स्मूदी, जूस या हेल्थ ड्रिंक में
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बीज का तेल: त्वचा और बालों के लिए
खेती और उपलब्धता
मोरिंगा एक तेज़ी से बढ़ने वाला पौधा है, जो कम पानी और सूखी मिट्टी में भी उगाया जा सकता है। भारत में इसकी खेती विशेषकर उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में होती है।
निष्कर्ष
मोरिंगा न केवल एक स्वादिष्ट और बहुउपयोगी पौधा है, बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए भी अनमोल है। यदि इसे नियमित आहार में शामिल किया जाए, तो यह शरीर को पोषण, ऊर्जा और रोगों से बचाव प्रदान कर सकता है।
📌 नोट: किसी भी औषधीय उपयोग से पहले योग्य आयुर्वेद चिकित्सक या डॉक्टर से परामर्श करें।
